दिल्ली समेत उत्तर भारत में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान था केंद्र!

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 की रात उत्तर भारत के कई हिस्सों में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब रिक्टर स्केल पर 5.9 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। दिल्ली-एनसीआर से लेकर जम्मू-कश्मीर तक धरती डोलने से लोग दहशत में आ गए और अपने घरों से बाहर निकल आए।


भूकंप का केंद्र और तीव्रता

नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान का हिंदूकुश क्षेत्र था।

  • समय: रात लगभग 9:42 बजे (IST)।
  • तीव्रता: रिक्टर स्केल पर 5.9 मापी गई।
  • प्रभावित क्षेत्र: दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, पंजाब (चंडीगढ़, अमृतसर), हरियाणा, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर।

जहां उत्तर भारत में झटके महसूस होने के बाद किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, वहीं इसके केंद्र अफगानिस्तान से दुखद खबरें आ रही हैं। पाकिस्तान के इस्लामाबाद, लाहौर और पेशावर में भी तेज झटके महसूस किए गए, जिससे वहां भी लोग सड़कों पर निकल आए।

भूकंप के तुरंत बाद सोशल मीडिया (X, इंस्टाग्राम) पर वीडियो की बाढ़ आ गई। दिल्ली और नोएडा की हाई-राइज सोसायटियों में रहने वाले लोगों ने पंखे, झूमर और बेड हिलने के वीडियो साझा किए। कई लोगों ने बताया कि झटके कुछ सेकंड तक महसूस किए गए, लेकिन उनकी तीव्रता इतनी थी कि सो रहे लोग भी जाग गए।

विशेषज्ञों की राय और एहतियात

भूकंप वैज्ञानिकों का कहना है कि हिंदूकुश क्षेत्र सिस्मिक रूप से काफी सक्रिय है, जिसके कारण अक्सर उत्तर भारत में इसके झटके महसूस होते हैं। चूंकि दिल्ली सिस्मिक जोन 4 में आती है, इसलिए यहां के निवासियों को हमेशा सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।


भूकंप के दौरान क्या करें?

  • घर के अंदर हैं: तो ‘ड्रॉप, कवर और होल्ड’ (नीचे झुकें, किसी मजबूत मेज के नीचे छिपें और उसे पकड़े रहें) का पालन करें।
  • लिफ्ट का प्रयोग न करें: भूकंप के समय हमेशा सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
  • खुले मैदान में जाएं: यदि आप बाहर निकल सकते हैं, तो इमारतों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर किसी खुले स्थान पर चले जाएं।

आपकी भूगोल (Geography) की किताब में ‘Disaster Management’ और ‘Plate Tectonics’ का अध्याय है। इस घटना को आप भारतीय प्लेट (Indian Plate) के यूरेशियन प्लेट से टकराने के उदाहरण के रूप में समझ सकते हैं, जो हिमालयी क्षेत्रों और उत्तर भारत में भूकंप का मुख्य कारण है।

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