भारत में पिछले लंबे समय से स्थिर चल रहे पेट्रोल और डीजल के दामों में आज यानी शुक्रवार को बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के दबाव को देखते हुए ईंधन की कीमतों में लगभग ₹3.14 प्रति लीटर (पेट्रोल) और ₹3.11 प्रति लीटर (डीजल) का इजाफा किया है।
प्रमुख शहरों में नए रेट (अनुमानित)
नई कीमतों के लागू होने के बाद देश के महानगरों में पेट्रोल और डीजल की स्थिति कुछ इस प्रकार है:
| शहर | पेट्रोल (प्रति लीटर) | डीजल (प्रति लीटर) |
| दिल्ली | ₹97.91 | ₹90.78 |
| मुंबई | ₹109.45 | ₹97.62 |
| भोपाल | ₹109.82 | ₹94.98 |
| इंदौर | ₹109.58 | ₹94.97 |
| रायपुर | ₹103.56 | ₹96.84 |
दाम बढ़ने के मुख्य कारण
- ईरान-इजरायल संघर्ष: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) में सप्लाई बाधित होने की आशंका ने वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों को $115 प्रति बैरल के पार पहुंचा दिया है।
- तेल कंपनियों का घाटा: सरकारी तेल कंपनियां (IOC, BPCL, HPCL) पिछले कई महीनों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी कीमतों के बावजूद घरेलू बाजार में रेट नहीं बढ़ा रही थीं। सूत्रों के अनुसार, कंपनियों को हो रहे ‘अंडर-रिकवरी’ (नुकसान) को कम करने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य हो गया था।
- डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में आई कमजोरी ने भी आयात को महंगा बना दिया है, जिसका सीधा असर रिटेल कीमतों पर पड़ रहा है।
आम आदमी पर क्या होगा असर?
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर केवल वाहन चलाने वालों पर ही नहीं, बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है:
- महंगा ट्रांसपोर्ट: डीजल महंगा होने से माल ढुलाई की लागत बढ़ जाती है।
- महंगाई की दूसरी लहर: ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने के कारण फल, सब्जियां और रोजमर्रा के राशन के दाम बढ़ने की पूरी संभावना है।
- मध्यम वर्ग का बजट: यात्रा खर्च बढ़ने से आम आदमी की मासिक बचत पर कैंची चलेगी।
सरकार का रुख
पेट्रोलियम मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता को देखते हुए आने वाले दिनों में कीमतों में और अधिक अस्थिरता देखी जा सकती है। प्रधानमंत्री ने भी हाल ही में देशवासियों से ऊर्जा की खपत में किफायत बरतने की अपील की है ताकि विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम हो सके।






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