अगर आप चाहते हैं कि आपका तरबूज शहद जैसा मीठा निकले, तो खरीदते समय इन बातों पर गौर करें:
1. पीला निशान (Field Spot) है असली पहचान
तरबूज का वह हिस्सा जो जमीन को छूता है, उसे ‘फील्ड स्पॉट’ कहा जाता है।
- नियम: यदि तरबूज पर यह निशान गहरा पीला या नारंगी जैसा (Creamy Yellow) है, तो इसका मतलब है कि तरबूज खेत में बेल पर अच्छी तरह पका है।
- सावधानी: अगर यह निशान सफेद या हल्का हरा है, तो समझ लीजिए कि तरबूज कच्चा ही तोड़ लिया गया था।
2. डंठल का मुड़ना और सूखना
तरबूज की पूंछ यानी उसका डंठल (Stem) उसकी उम्र बताता है।
- पहचान: यदि डंठल पूरी तरह सूखा और भूरा है, तो तरबूज पूरी तरह पक चुका है।
- सावधानी: यदि डंठल हरा और ताजा दिख रहा है, तो इसका मतलब है कि वह अभी कच्चा है और उसे जल्दी काट लिया गया है। ऐसे तरबूज अंदर से फीके हो सकते हैं।
3. ‘मकड़ी के जाल’ जैसे निशान
तरबूज के ऊपर दिखने वाली भूरे रंग की खुरदरी धारियां या जाल जैसे निशान खराब होने की निशानी नहीं हैं। ओमकार शेजवाल के मुताबिक, ये निशान बताते हैं कि मधुमक्खियों ने फूल के परागण (Pollination) के समय कितनी बार उसे छुआ था। यह जाल जितना घना होगा, तरबूज उतना ही अधिक मीठा होगा।
अन्य छोटे टिप्स जो आएंगे काम:
- वजन देखें: अपने आकार के हिसाब से जो तरबूज ज्यादा भारी महसूस हो, उसे लें। भारी होने का मतलब है कि उसमें पानी भरपूर है।
- आवाज सुनें: तरबूज को थपथपा कर देखें। अगर ‘डब-डब’ जैसी गहरी और भारी आवाज आए, तो वह रसभरा है। ‘टिन-टिन’ जैसी खोखली आवाज कच्चे तरबूज का संकेत है।
- चमक से बचें: बहुत ज्यादा चमकने वाले तरबूज अक्सर कच्चे होते हैं। एक पके हुए तरबूज की सतह थोड़ी धुंधली (Dull) होती है।
