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कमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमतों में ₹993 का भारी इजाफा, दिल्ली में दाम ₹3000 के पार

मई महीने की पहली तारीख को आम जनता और व्यापारियों के लिए महंगाई की एक बड़ी खबर सामने आई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में 993 रुपये की रिकॉर्ड बढ़ोतरी की है। इस ऐतिहासिक उछाल के बाद देश की राजधानी दिल्ली में एक कमर्शियल सिलिंडर की कीमत अब 3,071.50 रुपये पर पहुंच गई है।

प्रमुख शहरों में नए दाम

आज से लागू हुई इन नई कीमतों ने व्यापारिक जगत में हलचल मचा दी है। देश के प्रमुख महानगरों में सिलिंडर के दाम कुछ इस प्रकार हैं:

शहरनई कीमत (19kg सिलिंडर)बढ़ोतरी
दिल्ली₹3,071.50₹993
मुंबई₹3,046.50₹1,015.50
कोलकाता₹3,355.00₹1,147
चेन्नई₹3,259.50₹1,013

क्यों बढ़ी कीमतें?

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी इसका मुख्य कारण है। अमेरिका-ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने की आशंकाओं ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को अस्थिर कर दिया है। चूंकि भारत अपनी गैस जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक कीमतों का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ा है।

आम आदमी पर क्या होगा असर?

हालांकि, तेल कंपनियों ने 14.2 किलो वाले घरेलू रसोई गैस सिलिंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं कर राहत देने की कोशिश की है। दिल्ली में घरेलू सिलिंडर अभी भी ₹913 पर स्थिर है।

लेकिन कमर्शियल सिलिंडर के दाम बढ़ने से परोक्ष रूप से जनता की जेब खाली होना तय है। रेस्टोरेंट, होटल, ढाबा और स्ट्रीट फूड संचालकों की लागत बढ़ेगी, जिससे बाहर का खाना, चाय और नाश्ता महंगा हो सकता है।

सिलिंडर बुकिंग के नियमों में भी बदलाव

कीमतों के साथ-साथ आज से कुछ नए नियम भी लागू हो रहे हैं:

  • OTP आधारित डिलीवरी: अब सिलिंडर की डिलीवरी के लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आने वाला OTP (Delivery Authentication Code) अनिवार्य होगा।
  • बुकिंग का समय: शहरी क्षेत्रों में अब रीफिल बुकिंग के बीच 25 दिन का अनिवार्य अंतर होगा।
  • छोटे सिलिंडर पर मार: 5 किलो वाले ‘छोटू’ सिलिंडर की कीमत में भी ₹261 की वृद्धि की गई है।

लगातार बढ़ती कीमतों ने छोटे व्यापारियों और खान-पान के व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए चुनौती खड़ी कर दी है। आने वाले दिनों में लॉजिस्टिक्स और अन्य सेवाओं पर इसके व्यापक असर की आशंका जताई जा रही है।

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