मार्च का महीना जाते-जाते देश के एक बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज, 30 मार्च 2026 को उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक के 17 राज्यों के लिए भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण अगले 48 घंटों तक जनजीवन अस्त-व्यस्त रहने की संभावना है।
प्रमुख राज्यों में मौसम का हाल
1. उत्तर भारत: दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में आज सुबह से ही बादलों का डेरा है। IMD के अनुसार:
- दिल्ली-NCR: धूल भरी आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। हवा की रफ्तार 40-60 किमी प्रति घंटा तक जा सकती है।
- पंजाब और हरियाणा: यहाँ मध्यम से भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी दी गई है।
- उत्तर प्रदेश और राजस्थान: पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
2. पहाड़ी क्षेत्र: बर्फबारी और बारिश
हिमालयी क्षेत्रों में मौसम सबसे ज्यादा आक्रामक दिख सकता है:
- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: कश्मीर घाटी में आज भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट है।
- हिमाचल और उत्तराखंड: इन राज्यों में ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी और निचले इलाकों में ओलावृष्टि के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है। प्रशासन ने पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
3. मध्य और पश्चिम भारत
- मध्य प्रदेश और विदर्भ: मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में आज ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है।
- गुजरात और महाराष्ट्र: मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में भी गरज-चमक के साथ बारिश और 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
4. पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत
- असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में अगले दो दिनों तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
- दक्षिण में केरल, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में बिजली कड़कने के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
किसानों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग ने विशेष रूप से किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। खड़ी फसलों (जैसे गेहूं और सरसों) को ओलावृष्टि और तेज हवाओं से भारी नुकसान हो सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि:
- कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं।
- खेतों में सिंचाई और कीटनाशकों का छिड़काव फिलहाल रोक दें।
- ओलावृष्टि से बचाव के लिए यदि संभव हो तो ‘हेल नेट’ का उपयोग करें।
आम जनता के लिए सुझाव
- तेज आंधी के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
- घर के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग कर दें।
- यात्रा पर निकलने से पहले ट्रैफिक और मौसम की ताजा अपडेट जरूर लें।
